Thursday, 8 December 2011

ज्ञान का विज्ञान –Prof. Joshi Basant


                          ज्ञान का विज्ञान

ज्ञान के 10 धरातल हैं और आधुनिक विज्ञान केवल पांच ज्ञान के धरतालों को सीमित रूप में जान पाया है. शेष ज्ञान के धरतालों को बुद्धि के धरातल से महाबुद्धि को जाग्रत कर ही जाना जा सकता है.
1.परम ज्ञान-इसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता है, यह अव्यक्त स्थिति है.इसे absolute knowledge+wisdom+intelligence कह सकते हैं.
2.प्राज्ञ ज्ञान- ज्ञान शान्त रूप से स्थित केवल आनन्द स्वरूप.
3.तेजस ज्ञान-स्वप्नवत ज्ञान
4.वैश्वानर ज्ञान-जाग्रत ज्ञान
ज्ञान के जाग्रत होने पर चेतना के धरातल का प्रारंभ होता है.
5.धृति जिस ज्ञान के द्वारा जड़ और चेतन का संयोग बना रहता है.
6.अभिमानात्मिक ज्ञान- इसे अहँकार कहते हैं.
7.स्मरणात्मिक ज्ञान- यह चित्त की स्मृति को रखने वाली वृत्ति है
8.निश्चयात्मक ज्ञान- अन्तःकरण की यह वृत्ति बुद्धि है.
9.संशयात्मक ज्ञान- मन
6,7,8,9 CNS के function हैं.
10.अज्ञान ज्ञान की सभी अवस्थाएँ बीज रूप में.-जड़त्व
1.परम ज्ञान

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